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Monday, September 10, 2007

दिमागी ख़लल कैसे-कैसे

रीन ओवर मी (2007) Reign Over Me *** - डॉन चीडल, एडम सैंडलर. ड्रामा. सितंबर 11 की हवाई दुर्घटना में अपने परिवार को खो चुके सैंडलर को अरसे बाद अपने कॉलेज का पुराना दोस्त चीडल मिलता है और उसे सामान्य करने की कोशिश करता है. हालाँकि तालियों वाले सीन सैंडलर को मिले हैं और उन्होंने ठीक-ठाक निभाए भी हैं, फ़िल्म की हाइलाइट चीडल का अभिनय है. संयोग है कि कल "11 सितंबर" की बरसी भी है.

कैशबैक (2006) Cashback *** - कॉमेडी, ड्रामा, रोमांस. अनिद्रा का शिकार नायक अपनी कलात्मक परिकल्पनाओं को खुला छोड़ देता है. बढ़िया फ़िल्मांकन और पार्श्वसंगीत वाली यह ब्रिटिश फ़िल्म कई बार अपने फ़्रीज फ़्रेमों के साथ अचंभित कर देती है. सेक्सयुक्त दृश्यों, नग्नता, और भाषा के लिए R-rated.

द लुकआउट (2007) The Lookout *** - जोसफ़ गोर्डन-लेविट, ज़ेफ़ डेनियल्स. अपराध, रोमांच, ड्रामा. एक कार दुर्घटना में दिमागी चोट के बाद युवा नायक एक बैंक में जेनिटर की नौकरी कर रहा है. उसपर एक बैंक लुटेरे गैंग की नज़र पड़ती है और...

मिस्टर ब्रूक्स (2007) Mr. Brooks ***/ - केविन कॉसनर, डेमी मूर, विलियम हर्ट. अपराध, रोमांच, ड्रामा. एक ऐसे आदमी की कहानी जो कभी-कभी अपने पर अपनी ऑल्टर ईगो को हावी होने देता है, जिसे हत्या करना पसंद है. कॉसनर बढ़िया हैं और हर्ट भी. दोनों के बीच का इंटरएक्शन भी मज़ेदार है. रक्तरंजित हिंसा, सेक्सयुक्त दृश्यों, नग्नता, और भाषा के लिए R-rated.

Tuesday, July 03, 2007

ऑफ़साइड (2006) - ईरान

Offside (Iran, Persian)

कमाल का प्रयोग. फ़िल्म ईरान और बहरीन के बीच खेले गए पिछले फ़ुटबॉल विश्व-कप योग्यता मैच के साथ-साथ चलती है. कहानी और पात्रों का व्यवहार मैच की घटनाओं से प्रभावित होता रहता है. और फ़िल्म वहीं मैच के बीच शूट की गई है. डॉक्यूमेंटरी-नुमा फ़िल्मांकन के बीच कई कलाकारों का अभिनय बेजोड़ है. सोचिये अगर तो अन्दाज़ा लगाना मुश्किल है कि फ़िल्म और इसकी कहानी कैसे सोची गई होगी. योजना और इम्प्रोवाइज़ेशन के बीच कितने कमाल का इंटरऐक्शन रहा होगा. इतने इम्प्रोवाइज़ेशन के बाद इतनी दिलचस्प फ़िल्म बना पाना ही जफ़र पनाही की सफलता है.

फ़िल्म जहाँ ऊपरी तौर पर एक कॉमेडी है, इसकी परतों में ईरान के कई सामयिक और सांस्कृतिक मुद्दे उभरते हैं. बड़ी ख़ूबी से ये बात उठती है कि औरतों की आज़ादी जैसे मुद्दों को एक आम ईरानी मज़हब के जरिये ही देखे ये ज़रूरी नहीं. बल्कि अक्सर वह उसे सामाजिक संदर्भों से उपजे कॉमन सेंस के जरिये देखता है.

Sunday, June 17, 2007

हॉट फज़ (2007)

Hot Fuzz

दो शब्द - ब्लडी ब्रिलियंट.

ब्लैक कॉमेडी कोई ब्रितानियों से सीखे. शॉन ऑफ़ द डेड वाले लेखक-निर्देशक एडगर राइट की पेशकश. साइमन पेग, जो फ़िल्म के सह-लेखक भी हैं, सारजेंट एंजल की भूमिका में जबरदस्त हैं. इस साल अब तक देखी फ़िल्मों में बेहतरीन.

Sunday, June 10, 2007

म्यूज़िक एण्ड लिरिक्स (2007)

Music And Lyrics

हल्की-फुल्की ब्रिटिश स्टाइल की कॉमेडी. कहानी के नाम पर कुछ नहीं. फिर भी ह्यू ग्रांट और ड्रू बैरीमोर साथ हैं - इतवार की दोपहर को और क्या चाहिए. कुछ संवाद अच्छे हैं, कुछ बिल्कुल हल्के.

Drew B: A melody is like seeing someone for the first time. The physical attraction. Sex.
Hugh G: I so get that.
Drew B: But then, as you get to know the person, that's the lyrics. Their story. Who they are underneath. It's the combination of the two that makes it magic.

Friday, May 11, 2007

भेजा फ्राय (2007)

फ़िल्म इस बात की मिसाल है कि एक अच्छा अभिनेता और एक अच्छी परफ़ॉर्मेंस किसी औसत, बल्कि घटिया, फ़िल्म को भी मनोरंजक बना सकते हैं. विनय पाठक अभी तक की श्रेष्ठतम कॉमिक अदायगियों में से एक के साथ अकेले दम पर फ़िल्म को देखने लायक बनाते हैं. सिर्फ़ देखने लायक ही नहीं, ठहाकों से भरपूर.

लगभग बिना कहानी वाली यह फ़िल्म एक शाम की घटना पर आधारित है. फ़्रांसीसी फ़िल्म 'द डिनर गेम' (अंग्रेज़ी शीर्षक) से उड़ाया गया प्लॉट भारतीय संदर्भों में नहीं जँचता और पटकथा में अविश्वसनीयता का भाव लाता है.

बाक़ी ऐक्टरों में रजत कपूर हमेशा की तरह संतुलित हैं. रणवीर शूरी छोटे से रोल में हैं और थोऽऽड़ा ओवर-द-टॉप हुए हैं. मिलिंद सोमन इतने बुरे ऐक्टर हैं ये मुझे पता नहीं था. सारिका ठीक हैं, कम से कम आज के कमल हासन से बेहतर. काफ़ी दिनों बाद उन्हें पर्दे पर देखकर अच्छा लगा.

विनय पाठक के लिए देखने वाली फ़िल्म. पुराने हिंदी गानों के शौकीनों को और मज़ा आयेगा.