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Monday, September 10, 2007

दिस इज़ इंग्लैंड (2006)

This Is England (UK)

सन 83 में आधारित यह ब्रितानी फ़िल्म उस दौर के इंग्लैंड के बेरोजगार युवाओं (स्किनहेड्स) के उद्देश्यहीन और अक्सर हिंसक आवारापन, फ़ॉकलैंड्स युद्ध के सामाजिक दुष्परिणामों, थैचर के प्रति असंतोष, और कुछ "राष्ट्रवादियों" द्बारा परिस्थितियों को रंगभेदी रंग देने के तरीकों का एक कोलाज है. कथित तौर पर फ़िल्म लेखक-निर्देशक शेन मीडोज़ के अपने अनुभवों की कहानी है.

फ़िल्म अपने रंगरूप (और कई बार कथावस्तु) में 2002 की आयरिश क्लासिक ब्लडी संडे की याद दिलाती है. यूँ तो पूरी कास्ट का काम ही बेहतरीन है, पर उस दौर में बड़े हो रहे एक ऐसे 12 साल के बच्चे जिसके पिता युद्ध में मारे जा चुके हैं के पात्र में टॉमस टरगूज़ का अभिनय बेजोड़ है.

भाषा/विषयवस्तु चेतावनी - फ़िल्म में गालियाँ भरी पड़ी हैं. एफ़-वर्ड का इस्तेमाल हर आधे मिनट में है.

दिमागी ख़लल कैसे-कैसे

रीन ओवर मी (2007) Reign Over Me *** - डॉन चीडल, एडम सैंडलर. ड्रामा. सितंबर 11 की हवाई दुर्घटना में अपने परिवार को खो चुके सैंडलर को अरसे बाद अपने कॉलेज का पुराना दोस्त चीडल मिलता है और उसे सामान्य करने की कोशिश करता है. हालाँकि तालियों वाले सीन सैंडलर को मिले हैं और उन्होंने ठीक-ठाक निभाए भी हैं, फ़िल्म की हाइलाइट चीडल का अभिनय है. संयोग है कि कल "11 सितंबर" की बरसी भी है.

कैशबैक (2006) Cashback *** - कॉमेडी, ड्रामा, रोमांस. अनिद्रा का शिकार नायक अपनी कलात्मक परिकल्पनाओं को खुला छोड़ देता है. बढ़िया फ़िल्मांकन और पार्श्वसंगीत वाली यह ब्रिटिश फ़िल्म कई बार अपने फ़्रीज फ़्रेमों के साथ अचंभित कर देती है. सेक्सयुक्त दृश्यों, नग्नता, और भाषा के लिए R-rated.

द लुकआउट (2007) The Lookout *** - जोसफ़ गोर्डन-लेविट, ज़ेफ़ डेनियल्स. अपराध, रोमांच, ड्रामा. एक कार दुर्घटना में दिमागी चोट के बाद युवा नायक एक बैंक में जेनिटर की नौकरी कर रहा है. उसपर एक बैंक लुटेरे गैंग की नज़र पड़ती है और...

मिस्टर ब्रूक्स (2007) Mr. Brooks ***/ - केविन कॉसनर, डेमी मूर, विलियम हर्ट. अपराध, रोमांच, ड्रामा. एक ऐसे आदमी की कहानी जो कभी-कभी अपने पर अपनी ऑल्टर ईगो को हावी होने देता है, जिसे हत्या करना पसंद है. कॉसनर बढ़िया हैं और हर्ट भी. दोनों के बीच का इंटरएक्शन भी मज़ेदार है. रक्तरंजित हिंसा, सेक्सयुक्त दृश्यों, नग्नता, और भाषा के लिए R-rated.

Tuesday, July 03, 2007

ऑफ़साइड (2006) - ईरान

Offside (Iran, Persian)

कमाल का प्रयोग. फ़िल्म ईरान और बहरीन के बीच खेले गए पिछले फ़ुटबॉल विश्व-कप योग्यता मैच के साथ-साथ चलती है. कहानी और पात्रों का व्यवहार मैच की घटनाओं से प्रभावित होता रहता है. और फ़िल्म वहीं मैच के बीच शूट की गई है. डॉक्यूमेंटरी-नुमा फ़िल्मांकन के बीच कई कलाकारों का अभिनय बेजोड़ है. सोचिये अगर तो अन्दाज़ा लगाना मुश्किल है कि फ़िल्म और इसकी कहानी कैसे सोची गई होगी. योजना और इम्प्रोवाइज़ेशन के बीच कितने कमाल का इंटरऐक्शन रहा होगा. इतने इम्प्रोवाइज़ेशन के बाद इतनी दिलचस्प फ़िल्म बना पाना ही जफ़र पनाही की सफलता है.

फ़िल्म जहाँ ऊपरी तौर पर एक कॉमेडी है, इसकी परतों में ईरान के कई सामयिक और सांस्कृतिक मुद्दे उभरते हैं. बड़ी ख़ूबी से ये बात उठती है कि औरतों की आज़ादी जैसे मुद्दों को एक आम ईरानी मज़हब के जरिये ही देखे ये ज़रूरी नहीं. बल्कि अक्सर वह उसे सामाजिक संदर्भों से उपजे कॉमन सेंस के जरिये देखता है.

Thursday, June 28, 2007

वीनस (2006)

Venus

बेहतरीन अभिनय और चुटीले संवादों से सजी फ़िल्म. पीटर ओ टूल अविश्वसनीय हैं. जोडी व्हिटेकर भी प्रभाव डालती हैं. फ़िल्म माइ सन द फ़ैनेटिक वाले हनीफ़ क़ुरैशी ने लिखी है. जगह है इंग्लैंड. विषय है एक बुजुर्ग का एक युवा लड़की के प्रति आकर्षण. न न, भूलकर भी निःशब्द के बारे में मत सोचिये. दोनों की दुनियाएँ (भौतिक और कलात्मक दोनों) ही अलग हैं. परतदार.

Sunday, June 10, 2007

लेटर्स फ़्रॉम इवो जिमा (2006)

Letters From Iwo Jima (Japanese/English)

देखने लायक. अमरीका-जापान युद्ध में जापान की तरफ़ की एक कहानी. क्लिंट ईस्टवुड को मैं पसंद करता हूँ, पर मुझे लगता है इस फ़िल्म में वे पूरी तरह ईमानदार नहीं रहे. कहने को कहानी जापान के नजरिये से है पर अमेरिकी चश्मे के रंग दिखाई देते हैं.