"मेरी फ़िल्मों के लोग बिल्कुल मेरे जैसे ही होते हैं, सहजबुद्धि वाले, अपेक्षाकृत कम बौद्धिक क्षमता वाले लोग, जो अगर सोचते भी हैं तो तभी जब वे बात कर रहे होते हैं."- इंगमार बर्गमैन
मानवीय संवेदनाओं और रिश्तों पर गहरी, अक्सर दर्दनाक, पर अद्भुत फ़िल्में बनाने वाले स्वीडिश फ़िल्मकार इंगमार बर्गमैन नहीं रहे. वे 89 के थे.
बड़ी अजीब सी बात है कि इसी शनिवार (यानि परसों ही) मैं उनकी अंतिम फ़िल्मों में से एक 1978 में बनी ऑटम सोनाटा (Autumn Sonata) देख रहा था. शायद उसी वक्त जब वो अपने अंतिम सफ़र की तैयारी में थे. सोच कर सिहरन होती है.